पड़ोसी देश श्रीलंका में नया कानून प्रेसिडेंट्स इनटाइटलमेंट रिपील एक्ट पास हो गया है । इसके तहत श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपतियों की सभी सुविधाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।
दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चुके श्रीलंका में पिछले साल चुनाव हुए थे जिसमें चुनाव लड़ रहे राष्ट्रपति उम्मीदवार अनुरा कुमारा दिसानायके ने देश के लोगों से वादा किया था कि अगर वह सरकार में आए तो पूर्व राष्ट्रपतियों की शाह खर्ची पर लगाम लगाएंगे ।महंगाई और नेताओं के मनमानी खर्चे से परेशान श्रीलंका की जनता ने अनुरा दिसानायक के इस चुनावी वादे को सपोर्ट किया है। इसके तहत श्रीलंका में पूर्व राष्ट्रपतियों की सारी सुविधाएं छिन जाएगी और नया कानून प्रेसिडेंस इनटाइटलमेंट रिपील एक्ट पास हो गया है ।इसके बाद पूर्व राष्ट्रपतियों और उनकी विधवाओं को आधिकारिक आवास ,मासिक भत्ता, सुरक्षा स्टाफ, वाहन ,सचिवालय सुविधा और अन्य लाभ मिलने बंद हो जाएंगे।
अब श्रीलंका में पूर्व राष्ट्रपतियों को सिर्फ पेंशन मिलेगी। अन्य सभी लाभ समाप्त हो जाएंगे।
अब देश के सभी पूर्व राष्ट्रपतियों को सरकारी आवास खाली करना पड़ रहा है। बताते चले कि पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे जो 2 माह में 80 साल के होने जा रहे हैं उन्हें बुढ़ापे में अपना सरकारी घर खाली करना पड़ रहा है ।श्री राजपक्षे 10 सालों से इस आवास में रह रहे थे । ज्ञात हो कि यह विधेयक जुलाई 2025 में कैबिनेट में मंजूर किया और 31 जुलाई को गजट में प्रकाशित हुआ । राजपक्षे परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी पेश की लेकिन इसे 9 सितंबर को खारिज करके बहुमत से पारित करने की मंजूरी दी गई। राष्ट्रपति बनने के बाद से ही अनुरा कुमार दिसानायक ने इस बिल पर काम शुरू किया ।
श्रीलंका सरकार का एक आंकड़ा कहता है कि 2024 में पूर्व राष्ट्रपतियों के ताम झाम में सरकारी खजाने से 11 अरब श्रीलंकाई रुपए खर्च हुए थे।
श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमार तुंगा का कहना है कि 3 हफ्ते पहले उनके कूल्हे की सर्जरी हुई है ।उनके गिर जाने के कारण हड्डियां टूट गई थी। इसलिए उन्होंने अभी मोहलत मांगी है ।श्रीलंका में वर्तमान में 5 जीवित पूर्व राष्ट्रपति हैं जबकि सरकार द्वारा संसद में विधेयक पेश करने समय तक उनमें से केवल तीन ही सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे
Discover more from zaruribaat.blog
Subscribe to get the latest posts sent to your email.