बिहार , झारखंड एवं उत्तर पूर्वी राज्यों के कुछ क्षेत्र में बच्चों की लंबी आयु के कामना एवं समृद्धि हेतु जितिया पर्व का बहुत महत्व है । माताएं अपने बच्चों के लिए निर्जला व्रत रखकर जितिया का उपवास करती हैं ।इसमें एक दिन पहले नहाए खाए किया जाता है जिसमें मरूआ आटा , नोनी साग, झिंगनी, मछली इत्यादि कई पकवान बनकर जीमूतवाहन एवं चिल्हो सियारिन को चढ़ाया जाता है और पूजा कर स्वयं भी ग्रहण किया जाता है।

अगले दिन पूर्ण निर्जला व्रत महिलाएं रखती हैं।अगर आप चाहते हैं आपको व्रत के दौरान बिल्कुल प्यास ना लगे, पानी पीने की जरूरत न लगे तो आप यह ट्रिक आजमा सकते हैं । व्रत के एक दिन पहले रात को सोते समय चीनी और नींबू का गाढ़ा शरबत बनाकर पी लें।गाढ़े शरबत का अर्थ है ज्यादा चीनी और उसी अनुपात में नींबू का शरबत हल्का ठंडा पानी में बनाकर थोड़ी ज्यादा मात्रा में पी लें। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अगले दिन आपको पानी पीने की अधिक आवश्यकता महसूस नहीं होगी और आराम से आपका व्रत निकल जाएगा ।आपकी प्यास खुद ही बुझी हुई रहेगी। अवश्य आजमाएं।

नोट: व्रती माताओं को सलाह दिया जाता है कि अपने स्वास्थ्य को देखते हुए ही व्रत करें अथवा अपने डॉक्टर से सलाह ले।
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