आजकल अन्य विषयों की तरह नृत्य संगीत की भी महत्ता बढ़ रही है। हो भी क्यों नहीं? आज के परिवेश में मशीन के साथ काम करते हुए आदमी भी मशीन की तरह भावशून्य होता जा रहा है। संगीत एक ऐसा माध्यम है जो मनुष्य को मनुष्य बने रहने में बड़ी भूमिका निभाता है। आज की युवा पीढ़ी जिस प्रकार के मानसिक तनाव, स्ट्रेस और अवसाद जैसी परिस्थिति को झेल रही है उससे निजात पाने में शास्त्रीय नृत्य और संगीत की उपस्थिति बेहद अहम है।

गायन, वादन या नृत्य से निकले स्वर और भाव की गहराइयों को अगर हम समझने की कोशिश करेंगे उसमें ध्यान केंद्रित कर महसूस करेंगे तो अपने आप हीलिंग पावर का ज्ञान होगा। विदेशों से हम म्यूजिक थेरेपी के बारे में ज्ञान लेते हैं लेकिन भारत में मौजूद उत्कृष्ट कोटि के संगीत से अनभिज्ञ होते हैं। मालूम हो कि भगवान राम को भी जब अस्त्र शस्त्र की शिक्षा के लिए गुरुकुल भेजा गया था तो उन्हें जहां गुरुजी ने अस्त्रों एवं शास्त्र की कठोर शिक्षा दी वहीं गुरुमाता में उन्हें भारतीय संगीत की भी शिक्षा दी। तर्क यह था कि गुरुदेव उन्हें क्षत्रिय सहित शास्त्रों की कठोर शिक्षा देंगे वही भावनाओं की कोमलता उन्हें गुरुमाता संगीत के माध्यम से सिखाएंगी तभी तो वह संपूर्ण पुरुष बन सकते हैं। समझ लें कि कितनी सुंदर बात यह रामायण में कही गई है। यही अगर आज भी लागू हो तो कई समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा।

आज नृत्य संगीत को करियर बनाने का भी अच्छा समय है। लोग जागरूक हुए हैं। सभी विद्यालय, कॉलेज यहां तक कि मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में भी नृत्य और संगीत के शिक्षक रखे जाने लगे है ताकि बच्चे को मानसिक शांति मिल सके।अगर आप भी इसमें अपना करियर बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आवश्यक है कि सही और शुद्ध ज्ञान प्राप्त करे। अर्थात संस्थान के ताम झाम पर न जाकर उचित गुरु का चयन करे। आजकल कई जगह यह भी पाया जा रहा है कि जिसे अभी सीखना चाहिए था वह सिखाने लग गया है। अगर ऐसे लोग आपको मिल जाते है तो शुरुआती कुछ वर्ष आपके बर्बाद हो सकते हैं। आपको ऐसे गुरु की आवश्यकता होगी जो आपको सही चीज सिखाने के साथ मार्गदर्शन भी करे। तभी आप अपना करियर ठीक से शुरू कर सकेंगे। अगर आपकी मेहनत और लगन सच्ची है, नेक नीयत है तो आपका करियर ग्राफ बहुत अच्छा होगा।
अगर आप बिहार में रहते है तो निश्चित ही आपको सही जगह ढूंढने में परेशानी होती होगी। सभी पाठकों की सुविधा के लिए कुछ प्रतिष्ठित और उम्दा संस्थानों की सूची दी जा रही है जहां आप नृत्य संगीत की शिक्षा पाकर आगे की दिशा तय कर सकते है:
1. निनाद, पटना – बोरिंग रोड एवं बेऊर मोड़ , पटना
2. भारतीय नृत्य कला मंदिर – छज्जू बाग, गांधी मैदान के निकट, पटना
3. खनक – कोठवां रोड, खगौल, पटना
4. कलाश्री – गर्दनीबाग , पटना

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