बच्चों को छोटी उम्र से सिखाएं यह ज्ञान – बनेगी मजबूत भविष्य की कुंजी

आज के समय में बच्चों को आर्थिक शिक्षा (Financial Literacy for Kids) देना उतना ही जरूरी है जितना कि स्कूल की पढ़ाई या अच्छे संस्कार। अगर बच्चा छोटी उम्र से ही पैसे का महत्व और उसकी सही उपयोगिता समझ लेता है, तो बड़ा होकर आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनता है।

क्यों जरूरी है बच्चों को फाइनेंशियल टिप्स सिखाना?

अगर बच्चे को पैसे सही तरीका से बनाने नहीं आएगा तो पैसे के लिए गलत रास्ते पर जाने की संभावना बढ़ सकती है।

वहीं, सही दिशा में दी गई फाइनेंशियल एजुकेशन उसे आत्मविश्वासी और सक्षम बनाती है।

बचपन में डाली गई पैसे की समझ (Money Management Skills) की नींव जीवनभर काम आती है।



पॉकेट मनी से शुरू करें पैसे की समझ

जब आपका बच्चा 10–12 साल का हो जाए, तो उसे हर महीने थोड़ी-सी पॉकेट मनी दें और यह भी समझाएं कि:

हर महीने पॉकेट मनी का कुछ हिस्सा खर्च करें।

कुछ राशि सेविंग के लिए रखें।

बचत को बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे SIP (Systematic Investment Plan) शुरू करवाएं। SIP की details भी समझाएं कि यह कैसे काम करता है।

बच्चों के लिए निवेश का छोटा कदम, बड़ा फायदा

आजकल कई म्यूचुअल फंड SIP सिर्फ ₹100 से शुरू होते हैं।

मान लीजिए आपका बच्चा 12 साल की उम्र से ₹200 की SIP शुरू करता है।

हर साल इसमें सिर्फ ₹50 की बढ़ोतरी करते रहें।

जब बच्चा 20–25 साल का होगा, तो उसके पास लगभग ₹2 लाख की पूंजी होगी।

यह रकम उसके लिए शिक्षा, बिजनेस या किसी नए काम की शुरुआत में मददगार साबित होगी। साथ ही, यह अनुभव जीवनभर उसके साथ रहेगा कि उसने अपनी मेहनत और सूझबूझ से यह धन सृजित किया और उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।

👉 इसलिए माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को छोटी उम्र से ही पढ़ाई के साथ साथ फाइनेंशियल प्लानिंग, सेविंग और इन्वेस्टमेंट का महत्व सिखाएं।


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