परीक्षा (BPSC 71st CCE 2025) के सामान्य अध्ययन (General Studies) विषय के प्रश्नपत्र के औपबंधिक उत्तर (Provisional Answer Key) जारी कर दिए हैं। आयोग द्वारा यह उत्तर कुंजी 19 सितंबर 2025 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की गई है।

आयोग ने सूचित किया है कि वे उम्मीदवार जिन्हें औपबंधिक उत्तर पर आपत्ति है, वे 21 सितंबर से 27 सितंबर 2025 के बीच अपनी आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
लॉगिन करें – उम्मीदवार अपने यूज़रनेम और पासवर्ड का उपयोग करके बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करेंगे।
डैशबोर्ड पर जाएं – लॉगिन करने के बाद परीक्षा से संबंधित डैशबोर्ड पर आपत्ति दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध होगा।
आपत्ति अपलोड करें – प्रत्येक प्रश्न के लिए आपत्ति दर्ज करने हेतु उम्मीदवार को प्रमाणिक साक्ष्य और स्रोत प्रस्तुत करना होगा।
शुल्क का भुगतान करें – प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज करने हेतु ₹250 शुल्क निर्धारित किया गया है।
महत्वपूर्ण निर्देश
आपत्ति केवल निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया से ही स्वीकार की जाएगी।
27 सितंबर 2025 के बाद या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
आयोग केवल उन आपत्तियों पर ध्यान देगा जिनके साथ विश्वसनीय साक्ष्य और संदर्भ प्रस्तुत किए गए हों।

उम्मीदवारों के लिए सुझाव
उत्तर कुंजी ध्यान से जांचें – केवल उन्हीं प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज करें जिनमें आपको वास्तविक त्रुटि प्रतीत हो।
सटीक प्रमाण प्रस्तुत करें – आपत्ति दर्ज करते समय केवल पुस्तकों, मान्य शोध कार्यों या विश्वसनीय सरकारी/शैक्षिक स्रोतों का ही उपयोग करें।
समय सीमा का पालन करें – अंतिम तिथि के बाद आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करें।
शुल्क की तैयारी रखें – यदि आप एक से अधिक प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कर रहे हैं तो उसी के अनुसार शुल्क जमा करें।
निष्कर्ष
BPSC द्वारा औपबंधिक उत्तर कुंजी जारी करना परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को बनाए रखने का महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल उम्मीदवारों को विश्वास दिलाता है, बल्कि उन्हें सुधार का अवसर भी देता है। योग्य उम्मीदवारों को चाहिए कि वे समय पर आपत्ति प्रक्रिया को पूर्ण करें और प्रामाणिक स्रोतों के साथ अपनी बात रखें।
यह प्रक्रिया न केवल उम्मीदवारों के हित में है बल्कि आयोग को भी परीक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता बनाए रखने में मदद करती है।
यह कदम उम्मीदवारों को पारदर्शिता प्रदान करने और उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे परीक्षार्थियों को उत्तरों की शुद्धता जांचने और यदि कोई त्रुटि प्रतीत हो तो उस पर आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलता है।
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