अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कारण टैरिफ शब्द का चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है ।आईए जानते हैं की टैरिफ बाकी टैक्स से किस तरह से अलग है।

टैरिफ के बीच ड्यूटी ,टैक्स और लेवी जैसे शब्द क्या मायने रखते हैं ।और यह उससे कितना अलग है।
 
क्या होता है tax

टैक्स लगभग सभी खरीद पर लगाए जाने वाला एक  सरकारी राजस्व है जिसको प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है । टैक्स मुख्यतः वस्तुओं और व्यक्तियों पर लगाया जाता है।यह व्यक्ति पर स्वैच्छिक नहीं होता वह उसे देना ही पड़ता है ।अर्थात यह बाध्यकारी है ।और ऐसा नहीं करने पर वह दंडनीय होता है ।टैक्स सरकार द्वारा करदाता पर लगाया गया एक शुल्क होता है।

क्या होती है ड्यूटी

शुल्क यानी ड्यूटी सरकार द्वारा उपभोक्ताओं पर लगाए जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर है ।यह शुल्क वित्तीय लेनदेन और वस्तुओं पर लागू होता है ।यह अप्रत्यक्ष टैक्स माना जाता है क्योंकि यह उपभोक्ता कर के समान होता है ।यह कर आयातित वस्तु और स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं दोनों पर लगाया जाता है ।इसमें एक्साइज ड्यूटी और सीमा शुल्क ( custom duty)अर्थात उत्पाद और सीमा शुल्क शामिल है।

एक्साइज ड्यूटी घरेलू स्तर पर निर्मित वस्तुओं पर लगाए जाने वाले tax होते हैं । यह ड्यूटी एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर है इसलिए उत्पाद शुल्क का भुगतान करने वाले उत्पादक या विक्रेता से अपेक्षा की जाती है कि वह अंतिम उपभोक्ता द्वारा भुगतान की जाने वाली कीमत को बढ़ाकर अपने नुकसान की भरपाई करने का प्रयास करें ।उत्पाद शुल्क अन्य अप्रत्यक्ष करो के अतिरिक्त लगाया जाता है।
          वही कस्टम ड्यूटी अर्थात सीमा शुल्क अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पास माल की आवाजाही पर लगाए जाने वाला टैक्स है। आसान शब्दों में यह उत्पादों के आयात और निर्यात पर लगाए जाने वाला टैक्स है।सरकारी राजस्व उत्पन्न करने ,उद्योग की रक्षा करने और देश के भीतर और बाहर सामग्री के प्रवाह की व्यवस्था करने के लिए सीमा शुल्क लगती है ।इसे हम इंपोर्ट ड्यूटी भी कहते हैं

अब चलिए बहुचर्चित शब्द टैरिफ पर

क्या होता है टैरिफ?

टैरिफ एक ऐसा tax है जो एक सरकार दूसरे देशों से आने वाले प्रोडक्ट पर लगाते हैं ।यह भी एक तरह से ड्यूटी टैक्स ही है का उद्देश्य आयत हुए उत्पादों को महंगा बनाना है। ऐसा करके सरकार उम्मीद करती है कि लोग अपने देश में बने उत्पादों को अधिक खरीदे अर्थात बाहर से आई हुई सामग्री महंगी होगी इसलिए अपने देश के सामान को खरीद कर बाहर से आने वाले सामान को लोग खरीदने से परहेज करें जिससे एक्सपोर्ट करने वाले देश को ज्यादा मुनाफा न हो सके।सरकारें कई कारण से टैरिफ लगाती है लेकिन एक बड़ा कारण लोगों को स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना होता है। अर्थात ज्यादातर देश इंपोर्ट कम करना चाहता है और एक्सपोर्ट ज्यादा।

भारत में क्या व्यवस्था है

भारत में विदेश से जो भी सामान आता है उस पर इंपोर्ट ड्यूटी या फिर कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है। जैसे उदाहरण के लिए मान लीजिए अमेरिका भारत से जाने वाली वस्तुओं पर 50% का टैरिफ लगा रहा है तो भारत अमेरिका से आने वाली वस्तुओं पर जो टैक्स लगाता है उसे हम इंपोर्ट ड्यूटी या फिर कस्टम ड्यूटी कहते हैं।


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