अगर आपके पास राशि सीमित है और आप शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव से डरते हैं तो अपनाए निवेश का यह विकल्प :

वर्तमान दौर में अधिकांश लोग निवेश की तरफ आगे बढ़ रहे हैं और म्युचुअल फंड में अपने तरीके से निवेश करके लोकप्रिय बना रहा है ।तो जाने म्युचुअल फंड में निवेश करने से पहले यह कुछ बातें :



म्युचुअल फंड में मुख्यतः दो तरीके से लोग इन्वेस्ट करते हैं:- 1.  SIP से और 2. लमसम अमाउंट से

SIP वह होता है जिसमें हम थोड़ी-थोड़ी मात्रा में निश्चित अंतराल पर किसी फंड में अपनी राशि जमा करते हैं ,और यह राशि कंपाउंडिंग के प्रभाव से बड़ी होती जाती है।
दूसरी ओर लंपसम निवेश में एक बड़ी राशि को किसी म्युचुअल फंड में लगा देते है । अब मुख्य बिंदु पर बात करते हैं कि अगर आपके पास सीमित राशि है और शेयर मार्केट के उतार चढ़ाव से आप सहज नहीं हैं तो आपको कौन सा विकल्प चुनना चाहिए?

सबसे पहले दोनों निवेश में मुख्य अंतर के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी लेते है : SIP में निवेश की राशि नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि होती है जबकि लंपसम में एक बार में बड़ी धनराशि का उपयोग किया जाता है ।
मार्केट के समय अवधि की बात करें तो SIP लंबे समय के निवेश लक्ष्य के लिए उपयुक्त है। मतलब अगर आपको 10 साल बाद अधिक राशि की आवश्यकता है तो यह अच्छा विकल्प है, और वहीं अगर आपको दो-तीन सालों में ही पैसे की आवश्यकता है तो आपके लिए लंपसम निवेश उपयुक्त है।


मार्केट टाइमिंग की बात करें तो SIP मार्केट के उतार चढ़ाव को एवरेज करता है । मतलब मार्केट अगर डाउन भी है तो एसआईपी की राशि उस निवेश फंड को एवरेज करने में मदद करता है। जबकि लमसम निवेश मार्केट के उतार चढ़ाव के अधीन होता है ।अर्थात मार्केट जैसे ही नीचे गिरेगा हमारी धन राशि घट जाएगी और मार्केट ऊपर जाएगा तो हमारी जमाराशि भी बढ़ेगी।
कॉस्ट एवरेजिंग का लाभ SIP में मिलता है और लमसम में कास्ट एवरेज में लाभ नहीं मिलता।
  सुविधा की बात करें तो SIP अधिक सुविधाजनक होता है क्योंकि उसे₹100 में भी शुरू किया जा सकता है ।कई म्युचुअल फंड आते हैं जो ₹100 या ₹500 से निवेश शुरू करने का ऑफर देते हैं ।जबकि लमसम में आपको एक साथ बड़ी धनराशि की आवश्यकता होती है जो सुविधाजनक कम होते हैं।
जोखिम लेने की क्षमता जिस निवेशक में है उनके लिए लमसम निवेश ठीक है क्योंकि वह मार्केट के उतार चढ़ाव से सहज होते हैं ।वही जो निवेशक मार्केट के जोखिम से बचना चाहते हैं उनके लिए SIP सही विकल्प है ।
निवेश लक्ष्य – SIP लॉन्ग टर्म निवेश लक्ष्य के लिए किया जाता है । जबकि लमसम शॉर्ट टर्म निवेश लक्ष्य के लिए उपयुक्त होता है।

हालांकि सही समय पर किए गए लम सम निवेश अधिक रिटर्न मिल सकता है लेकिन उसमें गलत समय पर निवेश करने से जोखिम भी होता है और संभावित नुकसान भी होता है

SIP और लंप सम निवेश( म्युचुअल फंड)  दोनों के फायदे और नुकसान है, और मार्केट के जोखिम से दोनों को कम या अधिक असर होता है। फिर भी ऊपर दिए गए सुझाव एवं सिप/ लमसम कैलकुलेटर की मदद से अपना निर्णय ले सकते हैं और निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। 


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