
भारत देश में प्रति मिनट एक सड़क दुर्घटना होती है और प्रति 4 मिनट में एक व्यक्ति अपनी जान गंवाता है। लगभग 78 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल या चालक की लापरवाही के कारण होती हैं। यदि हम कुछ सरल सावधानियां बरतें, तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है और सड़क यात्रा को सुरक्षित एवं सुखद बनाया जा सकता है।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी सुझाव
आई.एस.आई. मार्क हेलमेट पहनें:
दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहनें। अच्छी गुणवत्ता वाला हेलमेट सिर की चोट की संभावना को 80 प्रतिशत तक कम करता है।

मोबाइल फोन का प्रयोग न करें:
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने से हमारी 50 प्रतिशत इंद्रियों का ध्यान भटक जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
जेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग करें:
सड़क पार करने के लिए हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें।
सीट बेल्ट जरूर लगाएँ:
ड्राइविंग के समय सीट बेल्ट लगाने से मृत्यु का जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। हमेशा सीट बेल्ट लगाएँ और सुरक्षित चलें।
तीव्र गति से वाहन न चलाएँ:
वाहन चलाते समय शांत और संयमित रहें। 100 कि.मी./घंटा की टक्कर का प्रभाव 12 मंजिला इमारत से गिरने के बराबर होता है।
शराब पीकर गाड़ी न चलाएँ:
नशे में गाड़ी चलाने से दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। होश में वाहन चलाने से 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं टाली जा सकती हैं।
घायल व्यक्ति की मदद करें (Golden Hour):
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को Golden Hour में प्राथमिक उपचार देने से उसकी जान बचाई जा सकती है। इसके लिए 108 या 102 नंबर डायल कर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्राप्त करें।
यातायात संकेतों का पालन करें:
अनुशासन से चलें और सभी ट्रैफिक सिग्नल्स का पालन करें।
अपनी लेन में चलें:
अपने लेन में वाहन चलाना सुरक्षित होता है। लेन बदलते समय इंडिकेटर का उपयोग करें और गति धीमी रखें।
ओवरटेक और ओवरलोडिंग से बचें:
ओवरटेकिंग और ओवरलोडिंग बेहद खतरनाक हैं। इनसे परहेज करें और खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष
सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनने से लेकर सिग्नल मानने तक, हर छोटा कदम जीवन बचा सकता है। आइए, मिलकर सड़क सुरक्षा का संकल्प लें और अपने देश की सड़कों को सुरक्षित बनाएं।
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