क्या स्वस्थ जीवनशैली के लिए विदेश जाना ज़रूरी है? अपने देश में भी बन सकती है ‘Pure Living Lifestyle’

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हाल ही में मैंने एक सज्जन का लेख पढ़ा। उन्होंने लिखा कि उन्हें भारत में सब कुछ मिला—रोज़गार, सुविधाएं, संस्कृति और अपनापन—लेकिन शुद्ध हवा, स्वस्थ खानपान और प्राकृतिक जीवनशैली नहीं मिली। इसी वजह से उन्हें मलेशिया के बैंकॉक में शिफ्ट होना पड़ा।
यह जानकर अच्छा लगा कि कोई अपनी स्वास्थ्य ज़रूरतों को गंभीरता से लेते हुए जीवन में बड़ा कदम उठा सकता है, लेकिन यह भी लगा कि अपने ही देश को छोड़ना पड़े—यह उतना सुखद नहीं।

क्योंकि विदेशों में जब कभी मुश्किलें आती हैं, तो सबसे पहले विदेशियों को ही पीछे कर दिया जाता है। जबकि अपने देश में समस्या आए, तो लोग घरवालों की तरह साथ खड़े होते हैं।

मैंने भी पहले ही अपने परिवार की स्वस्थ जीवनशैली को लेकर कुछ ठोस कदम उठाए हैं , आज वही अनुभव साझा कर रही हूं—

⭐ शहर से दूर अपना ‘Pure Lifestyle Home’ बनाना

मैंने शहर की भीड़भाड़ से थोड़ी दूरी पर घर बनाया।

कमरों का आकार बड़ा रखा

सामने एक खुला लॉन

पीछे आंगन में धूप सेकने की जगह

हर सदस्य के लिए अलग कार्य-स्थल और कमरा

सबसे बड़ी समस्या जो अधिकतर लोग बताते हैं वह है—सेफ्टी।
इसका समाधान मैंने अलग तरीके से निकाला—अपने परिवार का विस्तार करके।

मैंने अपने पति के छोटे भाई के परिवार को भी साथ शिफ्ट करवा लिया। अब घर में उनके बच्चे भी हैं, मेरे बच्चे भी—परिवार बड़ा, सुरक्षित और खुशहाल।
साथ ही एक 24 घंटे रहने वाले स्टाफ के लिए कमरा बनाया है, जो काम भी संभालता है और उसकी भी प्राइवेसी बनी रहती है।

खानपान: घर में उगाएं, घर में बनाएं—Pure & Organic Food

मेरी आधी से अधिक सब्ज़ियाँ मेरे बगीचे में उग जाती हैं। सब्जियों के छिलके भी कंपोस्ट के रूप में मेरे किचन गार्डन में जाते हैं ।
बाकी चीजों के लिए मैंने अपनी छोटी-सी व्यवस्था बना ली है—

गेहूं खरीदकर खुद धोकर छत पर सुखाती हूं और शुद्धता से पिसवाती हूं।

चावल पास के गांव से बोरी में मंगवाती हूं।

सरसों तेल सामने ही मशीन से निकलवाकर घर लाती हूं।

मसाले कच्चे खरीदकर पाउडर खुद बनवाती हूं (कभी-कभी घर में मिक्सी से भी)।

दूध गांव के ग्वाले से सामने दुहवाकर लेती हूं।

घी घर में तैयार होता है—हर 15 दिन में लगभग आधा किलो, जो हमारे लिए पर्याप्त है।

प्रदूषण कम करना: Electric Vehicle + Solar Power

प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदा है।

घर में ही अपना चार्जिंग पॉइंट लगा रखा है।

छत पर सोलर पैनल लगाए हैं, जिससे बिजली का बिल भी कम आता है।
घर चूंकि शहर से थोड़ी दूर पेड़ पौधों के करीब है इसलिए हवा भी शुद्ध मिल जाती है।

जीवन में संतुलन: म्यूज़िक रूम, एक्सरसाइज रूम और धूप वाली छत

स्वस्थ मन और शरीर दोनों जरूरी हैं, इसलिए—

मेरे लिए एक अलग म्यूज़िक रूम है।

बच्चों के लिए बड़ा एक्सरसाइज रूम है।

खुले में बैठने के लिए धूप वाली छत और हरा-भरा लॉन भी।

घर में खुशियाँ हैं, प्यार है, सम्मान है और हाँ—नज़र न लगे… इसलिए नज़रबत्तू भी है!

तो बताइए—
क्या स्वस्थ, सरल और खुशहाल जीवन के लिए मलेशिया शिफ्ट हो जाना जरूरी है?
या फिर थोड़ा सोचकर, थोड़ा आयोजन करके अपने ही देश में ‘Pure Lifestyle’ जीना पूरी तरह संभव है?


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