19 मिनट वायरल वीडियो
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हरियाणा पुलिस साइबर सेल चेतावनी
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AI वीडियो धोखाधड़ी
हाल ही में सोशल मीडिया पर 19 मिनट का वायरल वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसने लोगों के बीच बहस और जिज्ञासा पैदा कर दी है। यह वीडियो, जिसकी अवधि लगभग 19 मिनट 34 सेकंड बताई जा रही है, लगातार सर्च और शेयर किया जा रहा है, जबकि इसके स्रोत की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। अब इस मामले में हरियाणा पुलिस की साइबर सेल ने लोगों को सतर्क करते हुए वीडियो शेयर न करने की चेतावनी दी है।
हरियाणा पुलिस का खुलासा: वीडियो AI से बनाया गया
हरियाणा पुलिस साइबर सेल के अधिकारी ने एक इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए इस वायरल क्लिप को लेकर बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि 19 मिनट का वायरल वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, कुछ लोग इस वीडियो के साथ-साथ Part 2 और Part 3 नाम से अन्य क्लिप्स भी शेयर कर रहे हैं। शुरुआती जांच में ये सभी वीडियो AI-जनरेटेड और भ्रामक पाए गए हैं।
वायरल वीडियो शेयर करने से बचने की अपील
साइबर पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के वीडियो को आगे बढ़ाना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। AI तकनीक की मदद से बनाए गए फर्जी वीडियो अब इतने वास्तविक दिखते हैं कि आम लोग आसानी से धोखा खा सकते हैं।
पुलिस की सलाह:
बिना पुष्टि के कोई भी वीडियो शेयर न करें
भड़काऊ और सनसनीखेज कंटेंट से सावधान रहें
संदिग्ध वीडियो की साइबर सेल को रिपोर्ट करें
AI से बने फर्जी वीडियो का बढ़ता खतरा
यह मामला दर्शाता है कि AI से बने डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर कितना बड़ा खतरा बन चुके हैं। ऐसे वीडियो न केवल गलत जानकारी फैलाते हैं, बल्कि समाज में भ्रम और डर भी पैदा करते हैं।
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