बालाजी तिरूपति के दर्शन में कितने घंटे?

क्या बालाजी तिरूपति का दर्शन करना चाहते हैं? क्या आपके मन में यह प्रश्न है कि दर्शन में कितने घंटे लगते हैं? बिना लाइन में खड़े हुए भी दर्शन होते हैं ? मुफ्त में बालाजी के दर्शन होते हैं या महंगे टिकट लेने पड़ते हैं? क्या पूर्व से टिकट बुक किए बिना आसानी से दर्शन हो पाएंगे?

     अगर आपके मन में यह सवाल है तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। आइए चर्चा करते हैं…

बालाजी तिरूपति मंदिर देश का बहुत प्रसिद्ध मंदिर है जो आंध्र प्रदेश के तिरूपति जिले के तिरुमला पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर अपनी सुंदरता, भव्यता, विशिष्टता, रहस्य , सिद्धि इत्यादि के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां अमीर से अमीर लोग भी आशीर्वाद पाने आते हैं और गरीब या साधारण लोग भी बड़ी संख्या में बालाजी के आशीर्वाद पाने प्रतिदिन आते हैं। जब इतनी संख्या में लोग आते हैं तो जाहिर है कि दर्शन की सही प्रक्रिया नहीं मालूम रहने से भक्तों को अनेक परेशानी हो सकती है।

तिरूपति पहुंचने का माध्यम

आप तिरूपति रेल या हवाई जहाज किसी भी माध्यम से पहुंच सकते हैं। अगर आप उत्तर भारत जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली राजस्थान , झारखंड इत्यादि से हैं तो सुझाव होगा कि फ्लाइट से ही जाएं। ऐसा इसलिए कि तिरूपति के लिए डायरेक्ट ट्रेन मिलने की संभावना कम है। दक्षिण भारत के राज्यों से सीधी रेल सेवा मिल जाएगी। हालांकि उत्तर भारत से सीधे हवाई सेवा भी उपलब्ध नहीं है। आपको हैदराबाद या बेंगलुरु में फ्लाइट बदलना ही होगा या सिर्फ ले ओवर करना होगा।लेकिन हवाई जहाज से आप सुबह चलकर देर शाम तक पहुंच जाएंगे

हैदराबाद में ले ओवर का समय 3 से 5 घंटे का होता है। इस बीच आपको सिक्योरिटी चेकिंग के बाद भी खाने पीने का अच्छा समय मिल जाएगा । तरह तरह के हैदराबादी व्यंजन भी मिल जाएंगे।

बालाजी दर्शन के टिकट

अब बात करते हैं कि दर्शन के लिए टिकट कैसे लेते हैं और बिना टिकट लिए दर्शन होते हैं या नहीं?
पहले बात दे कि बिना टिकट के भी आप दर्शन कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको तिरुमला मंदिर के बाहर लंबी लाइन लग के टोकन लेना होगा फिर लंबी लाइन में चलते चलते करीब 16 से 36 घंटे तक लग सकते हैं।

टिकट लेने की प्रक्रिया

आपको बता दे कि स्पेशल दर्शन टिकट 300 रूपये में आप https://ttdevasthanams.ap.gov.in पर जाकर बुक कर सकते हैं। विदित हो कि प्रत्येक माह के 23 तारीख को यह वेबसाइट बुकिंग ओपन करता है। लगभग 3 बजे आप इसमें टिकट बुक कर सकते है। और याद रहे कि साइट ओपन होते ही 10 मिनट के अंदर बुकिंग फुल भी हो जाता है।

इसके अलावा 23 तारीख को ही सुबह 10-12 बजे के लगभग एक बुकिंग ओपन होता है जिसमें रु.10000/ के टिकट मिलते हैं जो वीवीआईपी टिकट कहलाता है।

अगर आप दोनों में से कोई टिकट नहीं ले पाए है और दर्शन करने तिरूपति पहुंच गए हैं तो भी आप किस प्रकार 16 घंटे वाली लाइन से बच सकते हैं इसके बारे में बताते है।

तिरूपति में तिरुमला बालाजी दर्शन के टिकट काउंटर श्रीनिवास गेस्ट हाऊस के परिसर में हैं जिसका पता कोई भी लोकल आदमी आपको बता देगा। वहां प्रतिदिन दोपहर  1 से 2 बजे के बीच टिकट वितरण होता है जिसके लिए आपको 12 बजे दिन तक अपना आधार कार्ड लेकर पहुंच जाना होगा। पहुंचने पर आपको एक हॉल में प्रतीक्षा करवाया जाएगा। करीब 4 या 5 हॉल होते है जिसके भर जाने पर गेट खुलता है और टिकट काउंटर तक आपको लाइन में लग कर जाना है। काउंटर पर पहुंच कर अगले दिन का टिकट आपको निःशुल्क मिलेगा जिसे लेकर आप सुरक्षित रख ले। इस टिकट में गेट का स्थान और समय लिखा होगा। लेकिन व्यवहार में अगले दिन 12 बजे के बाद कभी भी आप जा सकते हैं भले ही आपको शाम 7 बजे का समय क्यों न मिला हो। मतलब टिकट की तारीख देखकर आपको एंट्री मिलेगी अगले दिन।

अब अगले दिन टैक्सी या बस से खूबसूरत सकारात्मक ऊर्जा से भरे तिरुमला की पहाड़ियों के स्वच्छ रास्ते पर चलकर आप सीधे नामित गेट पर जाए । गाड़ी यही तक जाएगी। अब जूते उतार दे और बनाए गए शीतल मार्ग से लगभग 15 मिनट में आप हॉल में पहुंच जाएंगे सुगमता से। जगह जगह पीने का पानी और शौचालय मिलते रहेंगे। हॉल में पहुंचने से पहले आपको मोबाइल और अपना सामान जमा करना होगा। सिर्फ पर्स वॉलेट ले जा सकते हैं। एक जरूरी बात यह जान ले कि जिसकी तस्वीर और फोन नंबर जमा करने समय लिया जाएगा उसको ही तस्वीर देखकर दर्शन के बाद मोबाइल दूसरी तरफ प्राप्त होगा। अतः जो जमा करेंगे उन्हें वापसी काउंटर पर भी होना जरूरी है अन्यथा किसी दूसरे को नहीं मिलेगा

प्रतीक्षा हॉल में आपको 3 से 4 घंटे प्रतीक्षा करना होगा। उसके बाद गेट खुलेगा और दर्शन की लाइन प्रारंभ होगी। यह कतार जितनी उत्साहित करती है उतनी ही भीड़ और धक्के से भरी होती है। ऐसा जैसे चले बिना धक्का खाकर ही लाइन में आप बढ़ रहे हो। अर्थात आपको यहां के लिए थोड़ा संभल कर तैयार रहना होगा। इस लाइन में डेढ़ घंटे में धीरे धीरे बढ़ते हुए आप बालाजी के दर्शन कर सकेंगे। फिर बाहर निकल कर फोन प्राप्त करें और यादों को सहेजने के लिए तस्वीरें ले सकते हैं।

अगर अपने 3 माह पहले रुपए 300/ में टिकट ले चुके हैं तो आने पर यही प्रक्रिया करनी होगी जो ऊपर बताए गए नामित गेट पर पहुंच कर की गई। सिर्फ एक दिन पहले आपको लाइन में लग कर टिकट नहीं लेना होगा।

अगर अपने rs. 10000/- का टिकट बुक किया है तो इसके लिए संध्या 4 बजे से 6 बजे के बीच आपको दर्शन मिलेगा मंदिर के दूसरे विशेष गेट से जिसमें आपको कोई लाइन नहीं लगना होगा। सिर्फ सही समय पर पहुंचना पड़ेगा।

यह थी पूरी प्रक्रिया तिरूपति बालाजी के स्वामी वेंकटेश अर्थात साक्षात् भगवान विष्णु के दिव्य दर्शन की प्रक्रिया। बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त करने अवश्य जाए।


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