इस योजना का मुख्य लक्ष्य बिहार राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।यह निश्चित ही परिवार के आर्थिक स्थिति को सुधारने में मददगार साबित होगा।
इस योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के माध्यम से प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
राज्य के शहरी क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार का सहयोग लिया जाएगा।
योजना अंतर्गत मुख्य लक्ष्य
योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार करने हेतु ₹ 10 हजार रुपए की राशि प्रथम किस्त के रूप में दी जाएगी।
22 सितंबर तक इस राशि के खाते में आने की संभावना है।
महिलाओं द्वारा रोजगार आरंभ करने के उपरांत आकलन कर ₹2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता आवश्यकतानुसार दी जाएगी।
बिहार सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
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शहरी क्षेत्रों के महिलाओं हेतु आवेदन की प्रक्रिया
शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आवेदन करने हेतु जीविका की वेबसाइट (www.brlps.in) पर लिंक उपलब्ध रहेगा।
योजना का लाभ लेने की इच्छुक महिलाओं द्वारा पंजीकरण करते समय अपना मोबाइल नंबर, आधार संख्या, बैंक खाता विवरण एवं व्यवसाय का प्रकार अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। साथ ही आवेदक को अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक (जिसमें नाम, खाता संख्या, IFSC कोड अंकित हो) फोटोग्राफ एवं सादे पृष्ठ पर हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।
योजना का लाभ तेने हेतु इच्छुक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ना अनिवार्य है।
उनके ऑनलाइन आवेदन प्राप्ति के उपरांत उन्हें समूह में जोड़ने हेतु उनके क्षेत्र में कार्यरत सामुदायिक संसाधन सेवी द्वारा सम्पर्क किया जाएगा। समूह में जुड़ने के बाद ही योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र की महिलाएं जो पूर्व से ही स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
शहरी क्षेत्र की जो महिलाएं स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी है, उनके द्वारा आवेदन करने हेतु जीविका के वेबसाइट पर लिंक उपलब्ध है।
सभी प्राप्त आवेदनों का भोतिक सत्यापन किया जाएगा एवं यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला बिहार राज्य की निवासी हो।
योजना का लाभ लेने के कम में प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा।
आगे आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेजों की मांग की जा सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं हेतु आवेदन की प्रक्रिया
जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़े सभी सदस्य इस योजना के पात्र होंगे। वे इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने ग्राम संगठन में जाकर आवेदन करेंगी। इसके लिए समूह के सभी सदस्यों की एक विशेष बैठक ग्राम संगठन स्तर पर आयोजित की जाएगी।
जो महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी है उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु सर्वप्रथम स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए आवेदन करना होगा।
आवेदन या इस योजना का लाभ दिलाने हेतु अगर किसी तरह की राशि की मांग की जाती है तो संबंधित नगर निकाय कार्यालय एवं जीविका के जिला कार्यालय में इसकी शिकायत कर सकते हैं
वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार ने मांझी लड़की बहिन योजना के लिए भी कुछ अपडेट्स जारी किए हैं जो नीचे है।पढ़े पूरी जानकारी –
महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना के लिए e-KYC अनिवार्य किया
महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि अब मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) के सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया गया है। गुरुवार रात जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, सभी पात्र महिलाओं को दो महीने के भीतर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी उन्हें मासिक सहायता राशि मिलती रहेगी।
GR के अनुसार, पात्र महिलाओं को अपने आधार आधारित सत्यापन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अगर e-KYC नहीं किया गया तो योजना का लाभ रोक दिया जाएगा और हर साल ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा।
यह कदम तब उठाया गया जब सरकार को यह पता चला कि कुछ अपात्र लाभार्थियों, जिनमें पुरुष भी शामिल हैं, ने योजना का लाभ उठाया है।
यह योजना 2024 विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई थी, जिसके तहत 21 से 65 वर्ष की पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह दिए जाते हैं। चुनावों के बाद सरकार ने लाभार्थियों की सूची की समीक्षा शुरू की। फरवरी 2025 में लगभग 5 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर हटाया गया और बाद में 2,289 सरकारी कर्मचारियों को भी सूची से बाहर किया गया।
सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ऑनलाइन e-KYC सुविधा उपलब्ध कराई है, जो ladakibahin.maharashtra.gov.in पोर्टल पर की जा सकती है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित दो महीनों में अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी करें।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों को नियमित रूप से योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही, यह प्रक्रिया भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी सहायक होगी।
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