शास्त्रीय नृत्य या संगीत में करियर कैसे बनाएं

भारत ऐसा देश है जहां पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण हर तरफ जितनी लोक कलाएं हैं , उसी अनुपात में जोन के हिसाब से शास्त्रीय नृत्य और संगीत भी विभिन्न प्रकार के हैं। इन्हें हम अपने क्षेत्र की विशेषता और शास्त्र से खास शास्त्रीय नृत्य संगीत का नाम देते हैं।



उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य कथक सबसे लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्य है। इसके अलावा दक्षिण भारत में सबसे लोकप्रिय नृत्य भरतनाट्यम है। इसके अलावा कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम भी काफी प्रसिद्ध है।

नृत्य संगीत में करियर
अगर आप इसे अपना प्रोफेशन या करियर बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इसे अच्छे से सीखना होगा। अगर आप छोटे शहर से है तो स्थानीय दक्ष गुरु से शिक्षा प्राप्त करें। उसके बाद विशिष्टा/ स्पेशलाइजेशन के लिए बड़े शहर के अच्छे गुरुओं से भी शिक्षा लें। कभी कभी बड़े गुरुओं के संगत में ही आपको जीवन भर के लिए जगह मिल जाती है, हा इसके लिए आपका सुपात्र होना बहुत आवश्यक है।

करियर के लिए डिग्री भी आवश्यक है। BHU, उत्तर प्रदेश में नृत्य विषय की पढ़ाई होती है। इसके अलावा और भी कई यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है जहां से बैचलर और मास्टर डिग्री ली जा सकती है। डॉक्टरेट कर ले तो सर्वोत्तम होगा। बताते चले कि प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से भी प्रभाकर एवं प्रवीण की डिग्री प्राप्त होती है जिसके सहारे आप मध्यम स्तर की नौकरी पा सकते हैं, जैसे राज्य स्तर के सरकारी या प्राइवेट स्कूल में संगीत शिक्षक की नौकरी।
      अगर आप विश्वविद्यालय की डिग्री डॉक्टरेट प्राप्त कर लेते है तो आप कॉलेज के प्राध्यापक बन सकते हैं।रेगुलर बहाली होने तक कई महाविद्यालय गेस्ट प्रोफेसर को भी empanel करते हैं।

इसके अलावा कुछ राज्य में पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी का भी पद सृजित हुआ है। संगीत graduate इसपर भी आवेदन कर सकते हैं। बिहार में यह लेवल 9 का पद होता है।
अगर आप नौकरी नहीं करना चाहते हैं तो अपना बढ़िया बायोडाटा बनाएं और कला संस्कृति विभाग में समय समय पर भेजते रहे। अपना कोई समूह बनाए और अच्छी कोरियोग्राफी कर शुरुआत में कम मानदेय पर ही कार्यक्रम करें। धीरे धीरे आपका नाम विभिन्न महोत्सव एवं सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने लगेगा और आप प्रस्तुति देकर अपना मानदेय पाते रहेंगे।
खुद का संगीत विद्यालय खोल ले। इसका ब्रांच शहर के अलग अलग लोकेशन पर खोले। अच्छा ग्रुप बनाए और विभिन्न स्कूल के संपर्क में रहे। जिस तरह किसी भी खुद के नए काम में शुरुआत में परेशानी आती है, वैसे ही इसमें भी आएगी। लेकिन कुछ दिन लगातार काम करने पर रिजल्ट अच्छा ही आएगा।


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