Music and Dance

How long it takes to learn Kathak

चाहे तो आप 1 साल में भी अच्छे डांसर बन सकते है अगर रोज 4 से 5 घंटा नृत्य पर दें।और नहीं मेहनत करने पर 6 साल के बाद भी कुछ खास नहीं कर पाएंगे। रेगुलर प्रैक्टिस से आप 1 साल में बेसिक इतना सीख सकते हैं कि खुद को कहीं प्रेजेंट कर सके। सीखना […]

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The Interrelationship Between Folk Music and Classical Music – Future Possibilities

Folk Music and Its Roots in Daily LifeFolk music, as the name suggests, is deeply connected to the daily life and activities of common people. It has always been associated with rural traditions, community living, and seasonal celebrations—such as sowing and harvesting crops, childbirth, wedding ceremonies, and other social events. These are universal experiences that

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लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत नृत्य – दोनों का पारस्परिक संबंध, भविष्य की संभावनाएं

लोक संगीत जैसा कि नाम से ही सिद्ध है यह लोक जीवन के दैनिक क्रियाकलापों पर आधारित है ।ग्रामीण परिवेश में रहने वाले समाज की दिनचर्या और मौसमी उत्सव से इसका जुड़ाव रहा है ,जैसे खेतों में बुवाई और फसल की कटाई, बच्चों का जन्म, शादी विवाह की रस्में  इत्यादि ऐसी चीज हैं जो लोक

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Mukhyamantri Kalakar Pension Yojana in Bihar: Application Process and Eligibility

The Department of Art, Culture, and Youth, Bihar government,Patna has launched the Mukhyamantri Kalakar Pension Yojana with the aim of supporting aged, economically weak, and neglected artists of Bihar who have dedicated their lives to preserving the state’s rich cultural heritage. This scheme provides financial assistance to such artists in recognition of their lifelong contribution

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मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना हेतु आवेदन : बिहार सरकार की नई योजना

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, पटना, द्वारा ‘मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना’ प्रारम्भ की गई है, जिसका उद्देश्य बिहार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने हेतु जीवन भर योगदान देने वाले वृद्ध आर्थिक रूप से कमजोर एवं उपेक्षित कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत पात्रता हेतु निम्न शर्तें अनिवार्य

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शास्त्रीय नृत्य या संगीत में करियर कैसे बनाएं

भारत ऐसा देश है जहां पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण हर तरफ जितनी लोक कलाएं हैं , उसी अनुपात में जोन के हिसाब से शास्त्रीय नृत्य और संगीत भी विभिन्न प्रकार के हैं। इन्हें हम अपने क्षेत्र की विशेषता और शास्त्र से खास शास्त्रीय नृत्य संगीत का नाम देते हैं। उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य कथक

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कथक नृत्य की प्रारंभिक जानकारी | Kathak Dance Steps for Beginners in Hindi

कथक नृत्य (Kathak Dance) उत्तर भारत का एक प्रमुख शास्त्रीय नृत्य है। इसकी खासियत है इसके भाव (abhinaya), लय (rhythm), चक्कर (spins) और तत्कार (footwork)। यदि आप कथक सीखना चाहते हैं तो सबसे पहले सही गुरु से इसकी बेसिक स्टेप्स को सही ढंग से सीखना जरूरी है। सबसे पहले उठान – कथक नृत्य में उठान

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हिंदी सिनेमा और कथक नृत्य

भारतीय शास्त्रीय नृत्यों में कथक एक ऐसा नृत्य है जो अपनी सरल अभिव्यक्ति और कथा कहने की शैली के कारण दर्शकों के लिए आसानी से समझ आने वाला है। ‘कथक’ शब्द का अर्थ ही है – कथा कहने वाला, यानी नृत्य के माध्यम से कहानी कहना। यदि हम कुछ दशक पीछे जाएं, जब सोशल मीडिया

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