कानूनी दत्तक ग्रहण प्रक्रिया( child adoption process)

बच्चा गोद लेना चाहते हैं??

दत्तक ग्रहण प्रक्रिया द्वारा अपने जैविक माता-पिता से स्थाई रूप से अलग हो चुके बालक बालिका सभी अधिकारों एवं दायित्वों के साथ गोद लिए जाने वाले माता-पिता का कानूनी रूप से संतान बन जाता है।

👥 दत्तक ग्रहण के संपूर्ण प्रक्रिया किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2021,  दत्तक ग्रहण  विनियम 2022 एवं संबंधित राज्य के नियमावली के आलोक में पूर्ण की जाती है ।बच्चों के दत्तक ग्रहण हेतु कानूनी रूप से गोद दिए जाने की संक्षिप्त प्रक्रिया निम्न प्रकार से है :🧘🧒

इसे इस प्रकार समझा जा सकता है कि

दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से, जो बच्चे अपने जैविक माता-पिता से स्थायी रूप से अलग हो जाते हैं, वे नए माता-पिता की कानूनी रूप से संतान बन जाते हैं, जिनके पास सभी अधिकार और जिम्मेदारियां होती हैं। किसी भी बच्चे को गोद लेना एक महत्वपूर्ण निर्णय है, और इसकी पूरी प्रक्रिया किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2021 और दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के तहत पूरी की जाती है। बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रिया की संक्षिप्त जानकारी नीचे दी गई है।”

बच्चा गोद लेने के नियम


1. गोद लेने के इच्छुक माता-पिता संभावित दत्तक ग्राही अभिभावक द्वारा  CARING वेबसाइट www.cara.nic.in पर आधार कार्ड/ वोटर कार्ड /ड्राइविंग लाइसेंस/ पासपोर्ट/ जन्म प्रमाण पत्र में से किसी भी एक पहचान पत्र के साथ आवेदन करना
2. दत्तक ग्रहण हेतु आवश्यक दस्तावेज को आवेदन की तिथि से 30 दिनों के भीतर केरिंग्स पर अपलोड करना
3. आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाने का उपरांत नजदीकी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा गृह अध्ययन रिपोर्ट (होम स्टडी रिपोर्ट) करना तथा इसे केयरिंग पर अपलोड करना
4. प्रतीक्षा सूची में प्रथम स्थान आने पर केयरिंग के माध्यम से भावी दत्तक ग्राही माता-पिता को बच्चों की विवरणी का प्रेषण
5. संभावित दत्तक ग्राही अभिभावक से बच्चा का मिलन प्रक्रिया (चाइल्ड मैचिंग प्रक्रिया )होना।
6.  भावी दत्तक ग्राही माता-पिता द्वारा मोबाइल /मेल पर सूचना प्राप्त होने पर 48 घंटे के भीतर प्राप्त विवरण के आधार पर बच्चे को आरक्षित करना
7.  स्वीकृति की तारीख से 10 दिनों के भीतर बच्चों को दत्तक ग्रहण पूर्व पोषण देख रेख में लेना
8.  संबंधित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा आवश्यक कागजातों के साथ जिला मजिस्ट्रेट के पास याचिका दायर करना
9.   जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश जारी किया जाना तथा उसके आधार पर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करवाना
        दत्तक ग्रहण करने वाले संभावित माता-पिता के लिए आवश्यक पात्रता मापदंड👩‍❤️‍💋‍👨

1. भावी दत्तक माता-पिता को शारीरिक मानसिक एवं भावनात्मक रूप से एवं वित्तीय रूप से सक्षम एवं दत्तक ग्रहण हेतु प्रेरित होना चाहिए तथा गंभीर बीमारियों का शिकार नहीं होना चाहिए
2. दंपति की दशा में पति-पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक है
3. अकेले पुरुष बालिका के दत्तक ग्रहण हेतु पत्र नहीं है जबकि अकेली स्त्री किसी भी लिंग के बच्चे को दत्तक ग्रहण हेतु पात्रता रखती हैं
4. दत्तक ग्रहण हेतु दंपति का स्थिर वैवाहिक संबंध कम से कम 2 वर्ष पूरा होना चाहिए
5.  2 वर्ष तक आयु समूह के बच्चे के दत्तक ग्रहण के लिए दंपति की संयुक्त आयु अधिकतम 85 वर्ष एवं एकल भावी दत्तक माता-पिता की अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए
6.  दो से चार वर्ष तक की आयु समूह के बच्चे के दत्तक ग्रहण के लिए दंपति के संयुक्त आयु अधिकतम 90 वर्ष तथा एकल भावी माता या पिता को अधिकतम आयु 45 वर्ष तक होना चाहिए
7.  4 वर्ष से 8 वर्ष तक आयु के बच्चे के दत्तक ग्रहण हेतु दंपति की संयुक्त आयु अधिकतम 100 वर्ष एवं एकल भावी माता या पिता के अधिकतम आयु 50 वर्ष होनी चाहिए।
       इस प्रकार कानून को अच्छे से समझ कर मापदंड को पूर्ण करने वाले इच्छुक वयस्क बच्चे को गोद ले सकते हैं। विशेष जानकारी के लिए अपने राज्य के दत्तक ग्रहण अभिकरण से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।

*सही जानकारी सुरक्षित जीवन!


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