बच्चों के देख रेख एवं संरक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है ,कई नए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं ।इसी क्रम में बच्चों के संकटग्रस्त होने की अवस्था में यदि उसे मदद पहुंचाना हो तो भारत सरकार द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है जो टोल फ्री है ।
यह नंबर है 1098, यह नंबर इस तरह रखा गया है कि सभी को आसानी से याद रहे।

आप इस नंबर पर कॉल करके बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने या उसके आवश्यक रिहैबिलिटेशन के लिए अनुरोध कर सकते हैं ।कोई बच्चा अगर स्वयं भी चाहे कि उसे मदद की आवश्यकता है वह किसी मुसीबत में है तो वह खुद भी कहीं से भी , किसी जगह पर जाकर इस टोल फ्री नंबर 1098 पर डायल करके अपनी स्थिति बता सकता है। रेस्क्यू टीम तुरंत उसके पास पहुंच जाएगी और आवश्यक मदद पहुंचाएगीं।
कैसे करता है यह नंबर काम
जैसे ही इस नंबर पर कॉल जाता है यह कॉल संबंधित राज्य के हेड क्वार्टर में बनाए गए कंट्रोल रूम में पहुंच जाता है। उदाहरण के लिए अगर बिहार के किसी भी कोने से कोई संकटग्रस्त बच्चा या कोई व्यक्ति 1098 पर कॉल करता है तो बिहार के पटना मुख्यालय स्थित चाइल्ड हेल्पलाइन से संबंधित कंट्रोल रूम में वह नंबर जाएगा ।और नेटवर्क के साथ जुड़े रहने के कारण कॉल करने वाले का लोकेशन भी उसे प्राप्त होगा। कॉल ऑपरेटर विषय वस्तु को समझेंगे ,उसे नोट करेंगे और तुरंत उस क्षेत्र से संबंधित चाइल्ड हेल्पलाइन की रेस्क्यू टीम को सूचित करेंगे ।और यह टीम आवश्यकता के अनुसार तैयारी करके बच्चे तक पहुंचेगी और मदद करेगी। यह बाल संरक्षण विभाग के अंतर्गत काम कर रहा है जहां बच्चों के हित को सर्वोपरि मानते हुए कार्य किए जाते हैं। बाल संरक्षण अधिकारी इसके नोडल होते हैं । बच्चों के सुरक्षा और हित में सभी को इस बात की जानकारी आवश्यक है क्योंकि बच्चों की सुरक्षा देश का सर्वोपरि दायित्व है।
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