कथक में पुरुषों की भूमिका और सामाजिक पहचान : नृत्य की दुनिया में लैंगिक संतुलन की यात्रा
भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा में कथक एक अत्यंत अभिव्यक्तिपूर्ण और भावनात्मक नृत्य शैली है। इतिहास के पन्ने पलटें तो पाएंगे कि आरंभ में यह कला भी पुरुषों के वर्चस्व में थी। नृत्य की उत्पत्ति स्वयं भगवान शिव – नटराज से मानी जाती है, जो सृष्टि के ताल और लय के प्रतीक हैं। बाद में […]
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