गर्भावस्था की सदियों पुरानी परंपरागत और उपयोगी बातें

गर्भावस्था हर स्त्री के जीवन का सबसे सुंदर और जिम्मेदारी भरा समय होता है। पुराने समय से ही घर के बुजुर्ग गर्भवती महिलाओं को तरह-तरह की सलाह देते आए हैं ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य अच्छा रहे। इनमें से कई बातें आज विज्ञान द्वारा भी सही मानी गई हैं। आइए जानते हैं ऐसी कुछ परंपरागत लेकिन महत्वपूर्ण बातें जो पीढ़ियों से कही जाती रही हैं।

1. रोज दो संतरे खाएं

गर्भवती स्त्रियों को रोज दो संतरे खाने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इससे बच्चे की त्वचा साफ रहती है और शरीर को विटामिन सी व ऊर्जा मिलती है। संतरा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है।

2. नमक कम खाएं

नमक अधिक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाओं को नमक कम खाने की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि डिलीवरी के समय उच्च रक्तचाप की समस्या न आए और गर्भकालीन जटिलताओं से बचा जा सके।

3. कच्चा नारियल और दही खाएं

कच्चा नारियल और दही शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पाचन में मदद करते हैं। माना जाता है कि इससे बच्चे की आंखें सुंदर और बाल घने होते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से ये दोनों आहार शरीर को अच्छे फैट्स और प्रोटीन प्रदान करते हैं।

4. सुबह नारियल पानी पीएं

गर्भवती महिलाओं में एसिडिटी की समस्या आम होती है। नारियल पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और पाचन सही रहता है। यह एक प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है जो गर्भावस्था में बहुत फायदेमंद है।

5. शहद वाला पानी पीएं

गर्भावस्था में कई महिलाओं में खून की कमी हो जाती है। शहद वाला पानी पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद मिलती है और शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है।

6. बादाम और मखाना खाएं

बादाम और मखाना दिमाग को तेज करने वाले आहार माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन और ओमेगा फैटी एसिड होता है जो बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत जरूरी है।

7. गर्भ में संगीत सुनाएं

संगीत मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। अगर गर्भवती स्त्री शांत संगीत या वाद्य यंत्र सुनती है तो इससे बच्चे के दिमाग, याददाश्त और भावनात्मक विकास पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

8. धार्मिक ग्रंथ और अच्छी किताबें पढ़ें

गर्भवती महिलाओं को सकारात्मक और धार्मिक पुस्तकें पढ़ने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि मां के विचार और भावनाएं बच्चे पर गहरा असर डालते हैं। इससे बच्चा संस्कारी, बुद्धिमान और शांत स्वभाव का बनता है।

निष्कर्ष
गर्भावस्था के दौरान दी जाने वाली ये परंपरागत सलाह सिर्फ मान्यताएं नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभदायक हैं। संतुलित आहार, सकारात्मक सोच और शांत वातावरण से मां और बच्चा दोनों स्वस्थ और खुश रह सकते हैं।


Discover more from zaruribaat.blog

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top