रेयर अर्थ मिनरल्स पर प्रतिबंध: तकनीक और ग्रीन एनर्जी के लिए खतरे की घंटी

क्या होता है रेयर अर्थ मिनरल्स?

रेयर अर्थ मिनरल्स यानी 17 तरह के चुम्बकीय तत्व, जैसे लेंथेनम, नियोडिमियम और यूरोपियम, आज की आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं। इनका उपयोग स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक कारें, कंप्यूटर चिप्स, सैन्य उपकरणों और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में किया जाता है। अगर ये खनिज न मिलें, तो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री पर गहरा असर पड़ेगा, यहाँ तक कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन ठप हो सकता है।

वर्तमान में दुनिया के 70 प्रतिशत से ज्यादा रेयर अर्थ मिनरल्स चीन से आते हैं। अब चीन ने होल्मियम, एर्बियम और यटरबियम सहित कई दुर्लभ खनिजों पर निर्यात प्रतिबंध बढ़ा दिया है, जिससे प्रतिबंधित तत्वों की संख्या 12 हो गई है।

बीजिंग ने न केवल रेयर अर्थ मिनरल्स बल्कि अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) और रक्षा उत्पादन तकनीकों, साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरी और ग्रेफाइट एनोड पर भी निर्यात रोक लगा दी है। चीन ने इस कदम के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा को वजह बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इससे तकनीकी उपकरणों और ग्रीन एनर्जी उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं और उपलब्धता में कमी आ सकती है। अब कई देश  स्थानीय उत्पादन या वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में लग सकते है।


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